Foreign orders are also accepted. Email your order requirements to [email protected]
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, केवल हिन्दी (Shrimadvalmikiya Ramayan, Only Hindi)
- Brand: Gita Press, Gorakhpur
- Product Code: 77
- Availability: 30
-
₹450.00
त्रेतायुग में महर्षि वाल्मीकि के श्रीमुख से साक्षात वेदों का ही श्रीमद्रामायण रूप में प्राकट्य हुआ, ऐसी आस्तिक जगत की मान्यता है। अतः श्रीमद्रामायण को वेदतुल्य प्रतिष्ठा प्राप्त है। धराधाम का आदिकाव्य का होने से इस में भगवान के लोकपावन चरित्र की सर्वप्रथम वाङ्मयी परिक्रमा है। इसके एक-एक श्लोक में भगवान के दिव्य गुण, सत्य, सौहार्द्र, दया, क्षमा, मृदुता, धीरता, गम्भीरता, ज्ञान, पराक्रम, प्रज्ञा-रंजकता, गुरुभक्ति, मैत्री, करुणा, शरणागत-वत्सलता-जैसे अनन्त पुष्पों की दिव्य सुगन्ध है। हिन्दी , सचित्र, सजिल्द।
Book Type-: Hard cover ( Volume- 1 ), Book size-: Mudiem (A- 4 size 18.62cm*27.1cm), Pages-: 1184, Language-: Hindi
Related Products
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, प्रथम खण्ड, हिन्दी टीका के साथ (ShrimadValmikiya Ramayan, First Volume, With Hindi Translation)
त्रेतायुग में महर्षि वाल्मीकि के श्रीमुख से साक्षात वेदों का ही श्रीमद्रामायण रूप में प्राकट्य हुआ, ..
₹350.00
OUT OF STOCK
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, द्वितीय खण्ड, हिन्दी टीका के साथ (Shrimadvalmikiya Ramayan, Second Volume, With Hindi Translation)
त्रेतायुग में महर्षि वाल्मीकि के श्रीमुख से साक्षात वेदों का ही श्रीमद्रामायण रूप में प्राकट्य हुआ, ..
₹350.00
OUT OF STOCK



