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श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी, बृहदाकार (Shrimad-Bhagvad-Gita Tattva-Vivechani, Brihadakar)

  • ₹400.00

भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यवाणी से निःसृत सर्वशास्त्रमयी गीता की विश्वमान्य महत्ता को दृष्टि में रखकर इस अमर संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से गीताप्रेस के आदि संस्थापक परम श्रद्धेय ब्रम्हलीन श्रीजयदयालजी गोयन्दका द्वारा प्रणीत गीता की एक दिव्य टीका। इसमे 2515 प्रश्न और उनके उत्तर के रूप में प्रश्नोत्तर शैली में गीता के श्लेकों की विस्तृत व्याख्या के साथ अनेक गूढ़ रहस्यों का सरल, सुबोध भाषा में सुन्दर प्रतिपादन किया गया है। इसके स्वाध्याय से सामान्य-से-सामान्य व्यक्ति भी गीता के रहस्यों को आसानी से हृदयंगम कर अपने जीवन को धन्य कर सकता है।

 

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