भक्त सप्तरत्न (Bhakt Saptratna)

भक्त सप्तरत्न (Bhakt Saptratna)
₹12.00
Book Code: 0173
भक्त चाहे किसी भी देश, काल, जातिमें उत्पन्न क्यों न हो भगवद्भक्तिके प्रभावसे वह सर्वपूज्य संत बन जाता है। इस भक्तचरितमालामें ऐसे ही प्रेमी भक्त दामाजी पंत, रघु केवट, कूबा कुम्हार, यवन भक्त सालबेग आदिके सुन्दर चरित्र पिरोये हुए हैं। (कोड नं. 841) कन्नड़ और (कोड नं. 1082) गुजरातीमें भी उपलब्ध।
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भक्त चाहे किसी भी देश, काल, जातिमें उत्पन्न क्यों न हो भगवद्भक्तिके प्रभावसे वह सर्वपूज्य संत बन जाता है। इस भक्तचरितमालामें ऐसे ही प्रेमी भक्त दामाजी पंत, रघु केवट, कूबा कुम्हार, यवन भक्त सालबेग आदिके सुन्दर चरित्र पिरोये हुए हैं। (कोड नं. 841) कन्नड़ और (कोड नं. 1082) गुजरातीमें भी उपलब्ध।
Additional Information

Additional Information

Book Code 0173
Pages 80
Language हिन्दी, Hindi
Author No
Size (cms.) 13.3 x 20.3