परमशान्ति का मार्ग - भाग-1 (Param Shanti ka Marg volume-1)

परमशान्ति का मार्ग - भाग-1 (Param Shanti ka Marg volume-1)
₹20.00
Book Code: 0268
इस पुस्तक में परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयाल गोयन्दका द्वारा शास्त्रीय दृष्टि से धर्म युक्त उन्नति, प्राचीन सिद्धान्तों की उपादेयता, वर्तमान पतन तथा उससे बचने के उपाय, परम पुरुषार्थ इत्यादि विषयों का सुन्दर विवेचन है।
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इस पुस्तक में परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयाल गोयन्दका द्वारा शास्त्रीय दृष्टि से धर्म युक्त उन्नति, प्राचीन सिद्धान्तों की उपादेयता, वर्तमान पतन तथा उससे बचने के उपाय, परम पुरुषार्थ इत्यादि विषयों का सुन्दर विवेचन है।
Additional Information

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Book Code 0268
Pages 176
Language हिन्दी, Hindi
Author जयदयाल गोयन्दका
Size (cms.) 13.3 x 20.3