प्रत्यक्ष भगवद्दर्शन के उपाय (Pratyaksh Bhagvad-Darshan Ke Upay)

प्रत्यक्ष भगवद्दर्शन के उपाय (Pratyaksh Bhagvad-Darshan Ke Upay)
₹20.00
Book Code: 0303
यह पुस्तक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा भक्ति के स्वरूप, भक्तों के लक्षण, नाम-जप, श्रद्धा, प्रेम, शरणागति इत्यादि अनेक विषयों पर सरल भाषा में विशद विश्लेषण है।
Description

Details

यह पुस्तक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा भक्ति के स्वरूप, भक्तों के लक्षण, नाम-जप, श्रद्धा, प्रेम, शरणागति इत्यादि अनेक विषयों पर सरल भाषा में विशद विश्लेषण है।

This book is a detailed elaboration in a simple and lucid language of Brahmalina Sri Jayadayal Goyandka on the unique subjects such as form of devotion, characteristics of devotees, chanting of divine name, reverence, love, surrender in the feet of Lord etc.

Additional Information

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Book Code 0303
Pages 224
Language हिन्दी, Hindi
Author जयदयाल गोयन्दका, Jayadayal Goyandka
Size (cms.) 13.3 x 20.3