हम कैसे रहें? (Hum Kaise Rahen?)

हम कैसे रहें? (Hum Kaise Rahen?)
₹15.00
Book Code: 1461
इस पुस्तक में आर्ष-ग्रन्थों से संकलित विभिन्न प्रेरक कथाओं के माध्यम से संसार में रहने की व्यावहारिक शिक्षा के साथ आत्म-कल्याण के सुगम उपायों की सुन्दर जानकारी प्रस्तुत की गयी है।
Description

Details

इस संसार में मानवजन्म का उद्देश्य आदर्श मानव बनने के साथ-साथ जन्म-मृत्यु के बन्धन से मुक्ति की साधना है। भारतीय ऋषियों के द्वारा प्रणीत शास्त्र हमें संसार में जीने की कला और जीवन के सिद्धान्त (मुक्ति की साधना) की अनुपम शिक्षा देते हैं। इस पुस्तक में आर्ष-ग्रन्थों से संकलित विभिन्न प्रेरक कथाओं के माध्यम से संसार में रहने की व्यावहारिक शिक्षा के साथ आत्म-कल्याण के सुगम उपायों की सुन्दर जानकारी प्रस्तुत की गयी है।

The main object of human life is to become an ideal person and to strive for the means to get liberation from the bondage of birth and death. The scriptures authored by sages teach us how to live in this world. The book contains excerpts from the scriptures in the form of inspiring events that teach us how to lead moral life full of behavioural conduct.

Additional Information

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Book Code 1461
Pages 96
Language हिन्दी, Hindi
Author स्वामी रामसुखदास, Swami Ramsukhdas
Size (cms.) 13.3 x 20.3