भजनामृत (Bhajan-Amrit)

भजनामृत (Bhajan-Amrit)
₹15.00
Book Code: 0144
67 मधुर भजनों का यह संग्रह निवेदन, भगवद्-वियोग, लीलागान आदि शीर्षकों में प्रकाशित किया गया है।
Description

Details

भक्तों के लिये भजनों का महत्त्व अमृत-तुल्य है। भगवत्प्रेम में उन्मत्त प्रेमी का मन अनेक प्रकार के भावतरंगों से अनुप्राणित होकर भजन बन जाता है। इन्हीं भावतरंगों की सहज माधुरी को समेटकर 67 मधुर भजनों का यह संग्रह निवेदन, भगवद्-वियोग, लीलागान आदि शीर्षकों में प्रकाशित किया गया है।

Hymns play an important role in devotees' life and are like nectar for them. Powerful emotions when burst out in the form of words become hymns for devotees. This book is a collection of Sixty-seven melodious hymns under the caption such as Nivedan, Bhagvad-Viyog, Lilagan etc.

Additional Information

Additional Information

Book Code 0144
Pages 96
Language हिन्दी, Hindi
Author संकलित, Compiled
Size (cms.) 13.3 x 20.3