मेरे तो गिरधर गोपाल (Mere To Girdhar Gopal)

मेरे तो गिरधर गोपाल (Mere To Girdhar Gopal)
₹15.00
Book Code: 1247
इस पुस्तक में कामना, जिज्ञासा और लालसा, अभेद और अभिन्नता, सच्ची आस्तिकता, अभिमान कैसे छूटे? साधक, साध्य और साधन, अक्रियता से परमात्म प्राप्ति आदि 12 लेखों के रूप में, स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज के ओजस्वी तथा आध्यात्मिक विचारों का संकलन है।
Description

Details

इस पुस्तक में कामना, जिज्ञासा और लालसा, अभेद और अभिन्नता, सच्ची आस्तिकता, अभिमान कैसे छूटे? साधक, साध्य और साधन, अक्रियता से परमात्म प्राप्ति आदि 12 लेखों के रूप में, स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज के ओजस्वी तथा आध्यात्मिक विचारों का संकलन है।

This book is a unique collection of spiritual discourses in the form of articles twelve in number delivered by Swami Ramsukhdas on the topics such as desire, inquisitiveness and covetousness, faith, how to give up pride, aspirant, means and end etc.

Additional Information

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Book Code 1247
Pages 128
Language हिन्दी, Hindi
Author स्वामी रामसुखदास, Swami Ramsukhdas
Size (cms.) 13.3 x 20.3