श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी, (Shrimadbhagvadgita Tattva Vivechani)

श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी, (Shrimadbhagvadgita Tattva Vivechani)
₹110.00
Book Code: 0003
इस पुस्तक में श्रीजयदयालजी गोयन्दका द्वारा प्रणीत श्रीमद्भगवद्गीता की दिव्य टीका है। इसमे 2515 प्रश्न और उनके उत्तर के रूप में प्रश्नोत्तर शैली में श्रीमद्भगवद्गीता के श्लेकों की विस्तृत व्याख्या करी गयी है। यह पुस्तक हिन्दी टीका के साथ, जिल्द सहित, रगीन चित्रों सहित, ग्रन्थाकार रूप में उपलब्ध है। यह एक साधारण संस्करण है।
Description

Details

भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यवाणी से निःसृत सर्वशास्त्रमयी गीता की विश्वमान्य महत्ता को दृष्टि में रखकर इस अमर संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से गीताप्रेस के आदि संस्थापक परम श्रद्धेय ब्रम्हलीन श्रीजयदयालजी गोयन्दका द्वारा प्रणीत गीता की एक दिव्य टीका। इसमे 2515 प्रश्न और उनके उत्तर के रूप में प्रश्नोत्तर शैली में गीता के श्लेकों की विस्तृत व्याख्या के साथ अनेक गूढ़ रहस्यों का सरल, सुबोध भाषा में सुन्दर प्रतिपादन किया गया है। इसके स्वाध्याय से सामान्य-से-सामान्य व्यक्ति भी गीता के रहस्यों को आसानी से हृदयंगम कर अपने जीवन को धन्य कर सकता है।
Additional Information

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Book Code 0003
Pages 608
Language हिन्दी, Hindi
Author जयदयाल गोयन्दका, Jayadayal Goyandka
Size (cms.) 19.0 x 28.0