भगवान् के रहने के पाँच स्थान (Bhagwan Ke Rehne Ke Paanch Sthan)

भगवान् के रहने के पाँच स्थान (Bhagwan Ke Rehne Ke Paanch Sthan)
₹6.00
Book Code: 0261
इस पुस्तक में पद्मपुराण-सृष्टिखण्ड से संकलित सर्वव्यापक भगवान की उपलब्धि के विषय में मूक चाण्डाल, तुलाधार वैश्य, नरोत्तम ब्राह्मण इत्यादि पाँच कथाओं के माध्यम से तात्त्विक व्याख्या की गयी है।
Description

Details

इस पुस्तक में पद्मपुराण-सृष्टिखण्ड से संकलित सर्वव्यापक भगवान की उपलब्धि के विषय में मूक चाण्डाल, तुलाधार वैश्य, नरोत्तम ब्राह्मण इत्यादि पाँच कथाओं के माध्यम से तात्त्विक व्याख्या की गयी है।

There is a grand description of the availability of all-pervasive God through the stories of Tuladhar the Shopkeeper, Narottam the Brahmin, Mook Chandal including five other stories based on Padmapuran-Srishtikhand. The book is useful for theist persons.

Additional Information

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Book Code 0261
Pages 48
Language हिन्दी, Hindi
Author जयदयाल गोयन्दका, Jayadayal Goyandka
Size (cms.) 13.3 x 20.3