श्रीमद्भागवत-महापुराण, बेड़िया, भाग-2 (Shrimad Bhagvat Mahapuran, Landscape, Volume-2)

श्रीमद्भागवत-महापुराण, बेड़िया, भाग-2 (Shrimad Bhagvat Mahapuran, Landscape, Volume-2)
₹400.00
Book Code: 1952
कलि सन्तरण का साधन-रूप यह सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्न मूल के साथ हिन्दी-अनुवाद, आरती, पाठ के विभिन्न प्रयोगों के साथ दो खण्डों में उपलब्ध है। मोटे अक्षरों में। मोटे जिलद में। रंगीन चित्रों सहित। स्कन्ध 9 से 12।
Description

Details

श्रीमदभागवत भारतीय वाङ्मय का मुकुटमणि है। इस के प्रत्येक श्लोक में श्रीकृष्ण-प्रेम की सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्धज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है। कलि सन्तरण का साधन-रूप यह सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्न मूल के साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य, आरती, पाठ के विभिन्न प्रयोगों के साथ दो खण्डों में उपलब्ध है।

Srimad Bhagavat Mahapuran has occupied its place as a crest-jewel among all the Indian literature. It is a step towards the path of devotion. Its each Shloka is full of fragrance with Shri Krishna's love. This voluminous didactic doctrine contains the means of knowledge, a pathway to devotion. Available in two volumes.

Additional Information

Additional Information

Book Code 1952
Pages 1536
Language हिन्दी, Hindi, संस्कृत, Sanskrit
Author वेदव्यास, Vedvyas
Size (cms.) 19.0 x 28.0