श्रीमद्भगवद्गीता साधक संजीवनी, ग्रंथाकार (Shrimadbhagvadgita Sadhak Sanjeevani, Large Size)

श्रीमद्भगवद्गीता साधक संजीवनी, ग्रंथाकार (Shrimadbhagvadgita Sadhak Sanjeevani, Large Size)
₹250.00
Book Code: 0006
स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने गीतोक्त जीवन की प्रयोगशाला से दीर्घकालीन अनुसंधान द्वारा अनन्त रत्नों का प्रकाश इस टीका में उतार कर लोक-कल्याणार्थ प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथाकार संस्करण हिन्दी टीका के साथ, रगीन चित्रों सहित, मजबूत जिल्द में उपलब्ध है।
Description

Details

स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने गीतोक्त जीवन की प्रयोगशाला से दीर्घकालीन अनुसंधान द्वारा अनन्त रत्नों का प्रकाश इस टीका में उतार कर लोक-कल्याणार्थ प्रस्तुत किया है, जिससे आत्मकल्याणकामी साधक साधना के चरमोत्कर्ष को आसानी से प्राप्त कर आत्मलाभ कर सकें। इस टीका में स्वामी जी की व्याख्या विद्वत्ता-प्रदर्शन की न होकर सहज करुणा से साधकों की कल्याणकामी है। विविध आकार-प्रकार, भाषा, आकर्षक साज-सज्जा में उपलब्ध यह टीका सद्गुरू की तरह सच्ची मार्गदर्शिका है।
Additional Information

Additional Information

Book Code 0006
Pages 1264
Language हिन्दी, Hindi
Author स्वामी रामसुखदास, Swami Ramsukhdas
Size (cms.) 19.0 x 28.0