नवग्रह (Navgrah)

नवग्रह (Navgrah)
₹15.00
Book Code: 1018
इस पुस्तक में शास्त्रों के आधार पर नवग्रहों के उद्भव-विकास, ध्यान और परिचय के साथ उनकी उपासना के मन्त्र दिये गये हैं। प्रत्येक ग्रह-परिचय के साथ उस ग्रह का बहुरंगा आकर्षक चित्र दिया गया है।
Description

Details

भारत में नवग्रह-उपासना का इतिहास अत्यन्त पुराना है। प्रत्येक हिन्दू अपने त्रितापों के शमन एवं भौतिक उन्नति के लिये समय-समय पर नवग्रहों की उपासना करता है। इस पुस्तक में शास्त्रों के आधार पर नवग्रहों के उद्भव-विकास, ध्यान और परिचय के साथ उनकी उपासना के मन्त्र दिये गये हैं। प्रत्येक ग्रह-परिचय के साथ उस ग्रह का बहुरंगा आकर्षक चित्र दिया गया है।

The worship of Navagrah (nine planets) is very ancient in India. Each and every Hindu worships Navagrah time to time in order to subdue his sins and betterment in his life. This book has various hymns related to the Grahas and means of worshipping them. The coloured picture of each Grah is also given on fine art paper.

Additional Information

Additional Information

Book Code 1018
Pages 20
Language हिन्दी, Hindi
Author गीता प्रेस
Size (cms.) 19.0 x 28.0