भक्त नरसिंह मेहता (Bhakt Narsimha Mehta)

भक्त नरसिंह मेहता (Bhakt Narsimha Mehta)
Book Code: 0168
इस पुस्तक में गुजरात के प्रसिद्ध भक्त श्री नरसिंह मेहता के चरित्र-चित्रण में उनके जीवन की अद्भुत घटनाओं का बड़ा ही भावात्मक वर्णन किया गया है। पुस्तक 20 अध्यायों में विभक्त की गयी है जिसमें नरसिंह मेहता पर महात्मा की कृपा, कुटुम्ब-विस्तार, शिव-अनुग्रह, रासदर्शन, अनन्याश्रय, कुँवरबाई का दहेज, भक्त और भगवान्, अन्तिम अवस्था आदि महत्वपूर्ण विषय हैं।
Description

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इस पुस्तक में गुजरात के प्रसिद्ध भक्त श्री नरसिंह मेहता के चरित्र-चित्रण में उनके जीवन की अद्भुत घटनाओं का बड़ा ही भावात्मक वर्णन किया गया है। पुस्तक 20 अध्यायों में विभक्त की गयी है जिसमें नरसिंह मेहता पर महात्मा की कृपा, कुटुम्ब-विस्तार, शिव-अनुग्रह, रासदर्शन, अनन्याश्रय, कुँवरबाई का दहेज, भक्त और भगवान्, अन्तिम अवस्था आदि महत्वपूर्ण विषय हैं। भगवान के द्वारा भक्त के योग-क्षेम-वहन का नरसिंह मेहता जैसा अद्भुत चरित्र और कोई नहीं मिलता।

There is a beautiful description of virtuous and spiritual qualities including unique incidents in the life of Sri Narasimha Mehta the well-known staunch devotee of Gujarat. The book contains twenty chapters in all in which have been described certain divine happenings in his life such as grace of Lord Shiva on him,. Vision of divine Ras, sole refuge in god, dowry of Kunwar Bai etc.

Additional Information

Additional Information

Book Code 0168
Pages 160
Language हिन्दी, Hindi
Author गीता प्रेस
Size (cms.) 13.3 x 20.3