सूर्यांक (Surya Ank)

सूर्यांक (Surya Ank)
₹130.00
Book Code: 0791
प्रस्तुत विशेषांक में विभिन्न संत-महात्माओं के सूर्य-तत्त्व पर सुन्दर लेखों के साथ वेदों, पुराणों, उपनिषदों तथा रामायण इत्यादि में सूर्य-सन्दर्भ, भगवान् सूर्य के उपासनापरक विभिन्न स्तोत्र, देश-विदेश में सूर्योपासना के विविध रूप तथा सूर्य-लीलाका सरस वर्णन है।
Description

Details

भगवान् सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं। इन में समस्त देवताओं का निवास है। अतः भगवान् सूर्य सभी के लिये उपास्य और आराध्य हैं। प्रस्तुत विशेषांक में विभिन्न संत-महात्माओं के सूर्य-तत्त्व पर सुन्दर लेखों के साथ वेदों, पुराणों, उपनिषदों तथा रामायण इत्यादि में सूर्य-सन्दर्भ, भगवान् सूर्य के उपासनापरक विभिन्न स्तोत्र, देश-विदेश में सूर्योपासना के विविध रूप तथा सूर्य-लीलाका सरस वर्णन है।

Lord Surya is an absolute God. He is the very abode of all gods. Surya is worshipped and meditated by everyone. This volume contains a vivid description of divine sports played by Lord Surya alongwith the scholarly articles written by saints and accomplished souls on Surya-Tattva assisted with references present in Vedas, Puranas, Upanishads, and Ramayan. The book also includes different means of sun worship prevailed throughout the world and hymns.

Additional Information

Additional Information

Book Code 0791
Pages 408
Language हिन्दी, Hindi
Author गीता प्रेस
Size (cms.) 19.0 x 28.0