संक्षिप्त वाराहपुराण, केवल हिन्दी (Abridged Varah Puran, Only Hindi)

संक्षिप्त वाराहपुराण, केवल हिन्दी (Abridged Varah Puran, Only Hindi)
₹100.00
Book Code: 1361
कल्याण में प्रकाशित इस पुराण को बड़े टाइप में विभिन्न चित्रों और आकर्षक लेमिनेटेड आवरण-पृष्ठ के साथ प्रकाशित किया गया है।
Description

Details

इस पुराण में भगवान् श्रीहरि के वराह अवतार की मुख्य कथा के साथ अनेक तीर्थ, व्रत, यज्ञ, दान आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है। इस में भगवान् नारायण का पूजन-विधान, शिव-पार्वती की कथाएँ, वराहक्षेत्रवर्ती आदित्यतीर्थों की महिमा, मोक्षदायिनी नदियों की उत्पत्ति और माहात्म्य एवं त्रिदेवों की महिमा आदिपर भी विशेष प्रकाश डाला गया है। कल्याण में प्रकाशित इस पुराण को बड़े टाइप में विभिन्न चित्रों और आकर्षक लेमिनेटेड आवरण-पृष्ठ के साथ प्रकाशित किया गया है।

This book presents in detail the story of Lord Sri Hari's incarnation as Varah with complete description of different pilgrimages, Vrat, sacrifices, Charity procedure of Lord Narayan's worship, stories of Shiv and Parvati, glory of pilgrimages situated in Varah region, glory and origin of rivers capable in bestowing salvation, glory of Tridevs. The book, reprint of Kalyan, is available in bold letters, with coloured illustration, and attractive, laminated cover.

Additional Information

Additional Information

Book Code 1361
Pages 400
Language हिन्दी, Hindi
Author गीता प्रेस
Size (cms.) 19.0 x 28.0