अमूल्य वचन - तत्त्व-चिन्तामणि भाग-4,खण्ड-1 (Amulya Vachan - Tattva Chintamaniu, Part-4, Volume-1)

अमूल्य वचन - तत्त्व-चिन्तामणि भाग-4,खण्ड-1 (Amulya Vachan - Tattva Chintamaniu, Part-4, Volume-1)
₹17.00
Book Code: 0251
अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका संग्रह है। इसके अध्ययनसे साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओंका सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।
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अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका संग्रह है। इसके अध्ययनसे साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओंका सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।
Additional Information

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Book Code 0251
Pages 224
Language हिन्दी, Hindi
Author जयदयाल गोयन्दका
Size (cms.) 13.3 x 20.3