सूर-विनय-पत्रिका (Soor-Vinay-Patrika)

सूर-विनय-पत्रिका (Soor-Vinay-Patrika)
₹35.00
Book Code: 0061
महाकवि श्रीसूरदास जी के द्वारा विरचित 309 पदों के इस संग्रह में वैराग्य, अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयों का सुन्दर वर्णन है।
Description

Details

महाकवि श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित 309 पदों के इस संग्रह में वैराग्य, अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयों का सुन्दर वर्णन है। पुस्तक में आये हुए मुख्य कथा-प्रसंग पुस्तक के अन्त में परिशिष्ट के रूप में दिए गये हैं।

The book is a grand collection of 309 poems composed by the devotee-poet Shri Soordas describing beautifully several subjects like dispassion. Transitoriness of world, entreaty and awakening of consciousness. An appendix is also attached therein including the main content depicted in the book.

Additional Information

Additional Information

Book Code 0061
Pages 288
Language हिन्दी, Hindi
Author सूरदास, Soordas
Size (cms.) 13.3 x 20.3