मानव-धर्म (Manav-Dharm)

मानव-धर्म (Manav-Dharm)
₹10.00
Book Code: 0366
प्रस्तुत पुस्तक में मनुप्रतिपादित धर्म के मूल तत्त्वों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए इन सार्वभौम धर्मों के पालन से भगवत्प्राप्ति आदि विषयों का सरल विवेचन, युक्ति, अनुभव और शास्त्र-प्रमाण के आधार पर नित्यलीलालीन श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार द्वारा अत्यन्त सुन्दर ढंग से किया गया है।
Description

Details

प्रस्तुत पुस्तक में मनुप्रतिपादित धर्म के मूल तत्त्वों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए इन सार्वभौम धर्मों के पालन से भगवत्प्राप्ति आदि विषयों का सरल विवेचन, युक्ति, अनुभव और शास्त्र-प्रमाण के आधार पर नित्यलीलालीन श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार द्वारा अत्यन्त सुन्दर ढंग से किया गया है।

A wonderful description has been given in this book by Sri Hanuman Prasad Poddar on the fundamental principles of religion propounded by Manu the law-giver. The writer has laid an emphasis to this fact that one can attain God-realization by following righteousness based on his own experiences and various illustrations as given in many scriptures.

Additional Information

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Book Code 0366
Pages 96
Language हिन्दी, Hindi
Author हनुमान प्रसाद पोद्दार, Hanuman Prasad Poddar
Size (cms.) 13.3 x 20.3